Chinmay Singh

क्या बच गया है ये

January 11, 2022 · Poems

जीवन के पंख काट कर
ख़ुशियों के बादल छाँट कर
ग़म की भरी दुपहरी में
मरघट पर बैठी गिलहरी से
जब छीन लिया काजू का टुकड़ा

सपने के शमशान पे बैठा
एक अकेला काँच का पुतला