क्या बच गया है ये
January 11, 2022 · Poemsजीवन के पंख काट कर
ख़ुशियों के बादल छाँट कर
ग़म की भरी दुपहरी में
मरघट पर बैठी गिलहरी से
जब छीन लिया काजू का टुकड़ा
सपने के शमशान पे बैठा
एक अकेला काँच का पुतला
जीवन के पंख काट कर
ख़ुशियों के बादल छाँट कर
ग़म की भरी दुपहरी में
मरघट पर बैठी गिलहरी से
जब छीन लिया काजू का टुकड़ा
सपने के शमशान पे बैठा
एक अकेला काँच का पुतला